Artwork text
जो जा नहीं सकता, उसके पास भी
अंत तक देखने की एक जगह होती है।
आकाश।
पेड़ हवा को
अपनी देह सौंप देता है।
जितना सौंपा, उतना झुका,
जितना झुका, उतना बचा।
आकाश है, इसलिए सहता है,
और जितना सहा
उतना आकार देह पर रह जाता है।
वह झुका हुआ आकार
हार का चिह्न नहीं।
अंत तक आकाश को न भूलने वाले
सहने का आकार है।
इसलिए
झुका हुआ कुछ देखो
तो पहले उसकी सही हुई हवा
सोच लेना।
झुकी पीठ
उसकी हार नहीं,
उसके सहे हुए की लिखत है।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
चित्रकारजेजूकलाएकांतफूदो Fūdo (परिवेश और जलवायु)प्रतीक्षाआधुनिकतावादग्लोकलिज़्मकोरियाई चित्रकार
