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BYUN SHI-JI · FŪDO 054

जैसा है वैसा ही चलते जाना

Going On as It Is

2006 · Jeju, late period

Byun Shi-Ji (변시지), Going On as It Is, 2006, painting from the late Jeju period, shaped by wind and dried-grass colour.

Artwork text

बूढ़े की चाल भारी है।
अकेला होता तो शायद बैठ जाता।
पर टट्टू आगे जाकर लौटकर देखता है।
जैसे दूर होते हुए पुकारता हो—जल्दी आओ।
लाठी उसके हाथ को थामती है।
जैसे धरती कहती हो—उठो, एक बार और टिकाओ।
समुद्र पर एक छोटी नाव।
जैसे दिशा दिखाती हो—इधर।
क्षितिज के साथ चलती हुई,
पहले रास्ता बनाती जाती है।
बूढ़ा समझता था कि वह अकेला चलता है।
पर ऐसा नहीं था।
घोड़ा पुकारता है,
लाठी उठाती है,
नाव रास्ता बनाती है।
पूरा दृश्य उसे ले जा रहा था।
जो लोग मानते हैं कि वे अकेले सहते हैं,
उनके पास भी यूँ ही
कुछ न कुछ साथ चल रहा होता है।

Key context

ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।

चित्रकारजेजूजापानसियोलबिवोन (चांगदोकगुंग का गुप्त उद्यान)आधुनिक युगसमकालीन युगकलाललित कला