Artwork text
बड़ा घोड़ा सिर उठाता है,
छोटा घोड़ा सिर झुकाता है।
एक दूर देखता है,
एक पैरों के नीचे टटोलता है।
उठना और झुकना।
देखना और जीकर निभाना।
दोनों एक जगह खड़े हैं,
शरीर पास लगाए।
नीला और खुबानी-सा प्रकाश
हवा में नरम-नरम बहता है।
शीघ्र ही यह रंग सूखी घास के रंग में बैठ जाएगा,
और गरमी एकांत बन जाएगी।
1975 में, ब्यून शिजी सियोल को पीछे छोड़ जेजू लौटे।
तब उनके भीतर भी दो मुद्राएँ थीं।
टट्टू की तरह एक ओर सिर उठाकर आने वाली दुनिया देखना,
और दूसरी ओर सिर झुकाकर पैरों के नीचे की खुरदरी धरती में नाक लगाना।
अभी न सूखे रंग के भीतर,
दोनों एक-दूसरे पर टिके खड़े थे।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
