कृतियाँ/FŪDO 033
प्रस्थान करती नाव
The Departing Boat
मूल जानकारी
| संख्या | FŪDO 033 |
|---|---|
| शीर्षक | प्रस्थान करती नाव떠나는 배The Departing Boat |
| वर्ष | 1984 |
कृति का पाठ
पाठ: Byun Joung Hoon
दृश्य खींचकर देखा तो
कोई बंधाव नहीं था।
इसलिए एक मनुष्य रख दिया।
बड़ा नहीं।
बिना नाम के।
बस एक बिंदु-सा।
चित्र को थामने के लिए
रखा था।
चेहरा नहीं है।
सिर झुकाए मनुष्य।
लाठी टेके बूढ़ा।
दृश्य स्वामी था,
मनुष्य सजावट।
पर अजीब बात हुई।
वह छोटा मनुष्य
पूरे चित्र पर छाने लगा।
सौवें हिस्से से भी छोटे आकार में,
बाक़ी सबको अपने अधीन कर लिया।
एक बिंदु।
वह बिंदु जितना छोटा,
एकांत उतना गहरा।
लोगों ने कहा —
वह मनुष्य, ठीक स्व-चित्र-सा लगता है।
उसने इसका खंडन नहीं किया।
इस एक वाक्य से
सब साफ़ हो गया।
वह नामहीन मनुष्य,
हर कोई था,
और अंत में
वह चित्रकार ही था।
चित्र थामने को रखा एक बिंदु,
जीवन-भर उसी को थामे रहा।
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