The Byun Shi-Ji AtlasWORKS · FŪDO · LANGUAGES
उफनता समुद्र, भीगा आकाश · 1996
Byun Shi-Ji, Rough Sea, Wet Sky, 1996 · उफनता समुद्र, भीगा आकाश

कृतियाँ/FŪDO 023

FŪDO 023 · 1996 · जेजू, उत्तर काल

उफनता समुद्र, भीगा आकाश

Rough Sea, Wet Sky

मूल जानकारी

संख्याFŪDO 023
शीर्षकउफनता समुद्र, भीगा आकाश거친 바다, 젖은 하늘Rough Sea, Wet Sky
वर्ष1996

कृति का पाठ

पाठ: Byun Joung Hoon

समुद्र उठ खड़ा होता है।

एक डोंगी की नियति के सामने
आकाश रुलाई भरे
नीचे देखता है।
घर के भीतर मनुष्य
देख नहीं पाता, सिमट जाता है,
अंतरीप पर का घोड़ा
भटकती नाव से
आँख नहीं हटा पाता।
संसार की सबसे बड़ी चीज़ें
सबसे छोटी एक चीज़ का
कुछ न कर पाकर
साँस रोक लेती हैं।
बल से तो
समुद्र नाव को निगल सकता है।
पर मन से
उस एक नाव का कुछ न कर पाकर
आकाश रोता है।
एक छोटे अस्तित्व के सामने
समुद्र भी, आकाश भी, धरती भी
कुछ नहीं कर पाते।
हवा के सामने सारा संसार
एक पल
साँस रोक लेता है।
जिससे आँख नहीं हटती, वैसी एक नाव
हर मन में
एक-एक होती है।

34 भाषाओं में कृति-पाठ