Artwork text
सब कुछ अँधेरा
और तेज़ लहरें।
काले आकाश के नीचे
सफ़ेद फेन उठता है,
समुद्र उबलता है।
उसके बीचोंबीच
कुछ काले पक्षी
धारा को चीरते ऊपर उठते हैं।
पंख फैलाकर
गिरती लहरों को झेलते हैं।
ताकि धकेले न जाएँ,
ताकि डूब न जाएँ।
किसी के कहने से नहीं।
जीवित हैं, इसीलिए
ऊपर उठते हैं।
झुकना
न टूटने के लिए है,
और उठना
न मिटने के लिए है।
अँधेरी लहरों पर
वे छोटे पंख
जीवन शब्द का
सारा अर्थ दिखा देते हैं।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
चित्रकारजेजूजापानसियोलबिवोन (चांगदोकगुंग का गुप्त उद्यान)आधुनिक युगसमकालीन युगकलाललित कला
