कृतियाँ/FŪDO 001
इओदो
Ieodo
मूल जानकारी
| संख्या | FŪDO 001 |
|---|---|
| शीर्षक | इओदो이어도Ieodo |
| वर्ष | 1978 |
कृति का पाठ
पाठ: Byun Joung Hoon
सब कुछ नीला है।
आकाश और समुद्र
एक ही रंग में ठंडे पड़ गए हैं।
किनारे की सूखी डालियाँ
एक-दूसरे में उलझी हुई
ज़मीन से सटी पड़ी हैं।
जीवन भर झेली हवा
उनके शरीर में बाकी है।
दूर समुद्र के बीच
एक चट्टानी टापू
छोटे-से बिंदु की तरह तैरता है,
पहुँच से परे।
इसे हम
एक दृश्य कह सकते हैं।
पर दृश्य कहने के लिए
हवा कुछ ज़्यादा ही करीब है।
अनजाने में कपड़ों का छोर हिलने लगता है,
साँस ठंडी पड़ जाती है।
देखने वाला
चौखटे के बाहर नहीं है।
गीली डालियों के बीच
वह पहले ही भीतर आ चुका है।
फ़ूदो—किसी जगह की जलवायु और प्रकृति—
दूर से देखने की चीज़ नहीं है।
यह उसके भीतर खड़े होकर
उसी हवा को झेलना
और साथ-साथ ठंडा पड़ना है।
वह टापू अब भी दूर है।
लेकिन हवा
यहाँ आ चुकी है।
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