Artwork text
नाव बिंदु होती जाती है।
शीघ्र ही दिखेगी नहीं।
पुराना चीड़ पास खड़ा समुद्र साथ देखता है।
फिर भी बूढ़ा घर में नहीं जाता।
क्योंकि लौटते ही नाव गायब हो जाएगी-सा लगता है।
जब तक वह देखता रहेगा,
मानो वह अभी वहाँ है।
पुराना चीड़ भी शायद वही सोचता है,
समुद्र की ओर फैली शाखा वापस नहीं लेता।
बूढ़ा पेड़ और बूढ़ा मनुष्य जानते हैं—
देखते रहना उस नाव को बचाने वाली
अंतिम डोरी है।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
चित्रकारजेजूजापानसियोलबिवोन (चांगदोकगुंग का गुप्त उद्यान)आधुनिक युगसमकालीन युगकलाललित कला
