Artwork text
वह नाव पर चढ़ा।
इओदो की ओर जाता है।
उस दिशा में जहाँ से लौटना नहीं।
जीवन-भर जिन चीज़ों को चित्रित किया,
उन्हें एक-एक कर हल्का किया।
हवा घटाई,
लहर घटाई,
हस्ताक्षर तक घटा दिया।
क्योंकि नाम लिखने वाला वह
पहले ही वहाँ नहीं था।
सब घटा देने की जगह में
केवल एक घोड़ा छोड़ा।
धुँधली रेखा से,
मानो आकार खुलकर बिखर जाएगा, ऐसे शरीर से,
घोड़ा नहीं जाता।
जब उसका स्वामी इओदो की ओर जाता है,
वह इस धरती पर रहकर
सूखी घास के मैदान के छोर से
उसकी पीठ देखता है।
पर घोड़ा
रोता नहीं।
जो लंबे समय साथ चले हों,
दूर हो जाने पर भी जानते हैं।
यह विदा नहीं,
पहले आगे बढ़ने का रास्ता है।
निर्वासन समाप्त कर,
आशीर्वाद तक उतारकर,
वह इओदो की ओर जाता है।
बिना हस्ताक्षर के।
सिर्फ़ एक घोड़ा
इस धरती पर छोड़कर।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
