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ओरेउम · 1986
Byun Shi-Ji, Oreum, 1986 · ओरेउम

कृतियाँ/FŪDO 044

FŪDO 044 · 1986 · जेजू, मध्य काल

ओरेउम

Oreum

मूल जानकारी

संख्याFŪDO 044
शीर्षकओरेउम오름Oreum
वर्ष1986

कृति का पाठ

पाठ: Byun Joung Hoon

पुरुष पहले ही
शिखर पार कर चुका है।
शिखर पर उसने क्या देखा,
वह नहीं कहता।
बस सब कुछ पीठ पीछे छोड़कर
धीरे-धीरे धार से उतरता है।
चढ़ने वाले की झुकी पीठ
अभी न पहुँची जगह की ओर
भरसक कोशिश है।
पर उतरने वाले की झुकी पीठ
उस मनुष्य का भार है
जिसने पहले ही सब देख लिया।
टीले का शिखर
ठहरने की जगह नहीं था।
वह वहाँ से गुजरकर
फिर मिट्टी पर उतरता है।
ऊँचा चढ़ना ही
जीवन का सब कुछ नहीं।
देखे हुए को भीतर रखना,
मिले हुए को नीचे रख देना,
और फिर नीची जगह लौट आना।
तभी चढ़ना
उतरने से पूरा होता है।
उतरती पीठ के पीछे
शिखर चुपचाप
उसे विदा करता है।

34 भाषाओं में कृति-पाठ