Artwork text
समुद्र किनारे कुछ फूस के घर नीचे बैठे हैं।
पत्थर की दीवारें उन्हें घेरे हैं,
और पत्ते खो चुके पेड़ अपनी शाखाएँ समुद्र की ओर बढ़ाते हैं।
दूर एक छोटी नाव है,
धरती छोड़कर पानी की राह पर जाती हुई।
मनुष्य दिखाई नहीं देता।
पर घरों में प्रतीक्षा का चिह्न है,
पत्थर की दीवारों में बचाकर रखे समय की परत,
और पेड़ों की सूखी डालियों में
अनगिनत विदाइयों की हवा बाकी है।
समुद्री गाँव समुद्र के पास बसाए घरों का समूह नहीं।
वह जगह है जहाँ कोई जाता है,
और कोई लौटने की जगह बचाकर रहता है।
जहाँ समुद्र और धरती
एक-दूसरे का जीवन बाँटकर सँभालते हैं।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
