Artwork text
‘अन्न्योंग’ शब्द
अजीब शब्द है।
जाने वाले से भी कहा जाता है,
फिर मिलने वाले से भी।
इसलिए इस एक शब्द में
बिछुड़ना और लौटना
साथ रहते हैं।
सुख से जाओ—यह मन,
सुरक्षित लौट आओ—यह मन।
मनुष्य भी, पेड़ भी
दोनों मन एक हाथ में लेकर
जहाँ नाव ग़ायब होती है, उस ओर हाथ हिलाते हैं।
अन्न्योंग।
अंत तक पकड़े बिना,
फिर भी अंत तक न भूलने का
सबसे छोटा अभिवादन।
हाथ हिलाने की उस हड़बड़ी को
चित्रकार ने भी हड़बड़ी की तूलिका से पकड़ा।
जैसे विदा का वह क्षण
बीते उससे पहले
पकड़ लेना हो।
घास के हवा में लेटने की गति और
तूलिका के काग़ज़ पर चलने की गति
एक हो जाती है।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
