Artwork text
पत्र लिखना
उस व्यक्ति तक मन भेजना है
जिस तक पहुँचा नहीं जा सकता।
मनुष्य धरती पर रहकर लिखता है,
छोटी नाव उस मन को लेकर दूर समुद्र में जाती है।
उत्तर नहीं आएगा।
वह जानता है।
फिर भी लिखता है।
पत्र लिखते समय तक
वह अब भी चले गए व्यक्ति से बोल रहा है।
उसका नाम पुकारता है,
बीते दिन याद करता है,
और जो न कह सका वह लिखता है।
चला गया व्यक्ति लौटता नहीं।
पर जब तक वह उससे बोलता है,
वह मन के भीतर
फिर से सामने बैठा व्यक्ति बन जाता है।
इसलिए वह लिखता है।
उसके साथ बाँटा समय
अभी न खोने के लिए।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
