कृतियाँ/FŪDO 062
खाली घर
The Empty House
मूल जानकारी
| संख्या | FŪDO 062 |
|---|---|
| शीर्षक | खाली घर빈 집The Empty House |
| वर्ष | 1987 |
कृति का पाठ
पाठ: Byun Joung Hoon
घर खाली है।
समुद्र किनारे अकेला रह गया।
मनुष्य पहले ही
समुद्र पार जा रहा है।
पेड़ बाँह उठाकर
उसे समुद्र के ऊपर दूर तक फैलाता है।
अच्छे से जाओ।
दूर का रास्ता सकुशल हो।
उसके नीचे
चट्टान हाथ खोलती है।
पाँचों उँगलियाँ फैलाकर
चुपचाप समुद्र की ओर रहती है।
यह हाथ हिलता नहीं।
यह विदा देने का हाथ नहीं,
लौटने वाले की प्रतीक्षा करता हाथ है।
कभी दूर समुद्र से लौटे तो
सबसे पहले कसकर पकड़ने के लिए।
पेड़ जाने की ओर हिलता है,
चट्टान लौटने की ओर खुली है।
एक विदा करता है,
एक प्रतीक्षा।
समुद्र किनारे रहने का मन यही है—
जाते जानकर भी विदा करना,
लौटेगा या नहीं जाने बिना भी प्रतीक्षा करना।
सूरज ढले, समुद्र अँधेरा हो,
बाँह हिलना नहीं छोड़ती,
हाथ खुलना नहीं रोकता।
एक खाली घर
उन दोनों के बीच बचा रहकर
आज भी समुद्र देखता है।
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