Artwork text
बाएँ घोड़ा है, दाएँ बैल।
घोड़ा हवा का जीव है,
बैल धरती का जीव।
घोड़ा सिर उठाकर क्षितिज के पार देखता है,
बैल सिर झुकाकर पैरों के नीचे की धरती देखता है।
एक जाना है,
एक रहना।
घोड़ा अभी न आई जगह की ओर है,
बैल पहले से दी हुई जगह सँभालता है।
पर केवल जाने से गाँव नहीं जीता,
केवल ठहरने से भी जीवन नहीं चलता।
किसी को समुद्र जाना ही होगा,
किसी को लौटने की धरती बचानी ही होगी।
घोड़ा संभावना की ओर जाता है,
बैल निरंतरता सँभालता है।
एक सूरज दोनों पर समान रूप से उगता है,
और एक छोटी नाव
उस दिशा में जाती है जिसे घोड़ा देखता है।
बैल सिर झुकाए
उस जमीन को सँभाले है जहाँ वह नाव लौटेगी।
जीवन
जाने और रहने में से एक चुनना नहीं।
कोई रहे तो कोई जा सकता है,
कोई जगह रखे तो कोई लौट सकता है।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
