कृतियाँ/FŪDO 036
एर्योन मंडप में शरद
Autumn at Aeryeonjeong
मूल जानकारी
| संख्या | FŪDO 036 |
|---|---|
| शीर्षक | एर्योन मंडप में शरद가을 애련정Autumn at Aeryeonjeong |
| वर्ष | 1965 |
कृति का पाठ
पाठ: Byun Joung Hoon
तालाब के किनारे एक मंडप खड़ा है।
पतझरी पेड़ हरे, पीले और लाल रंग एक साथ ओढ़े हैं। खपरैल की छत गहरी छाया में डूबी है, और तालाब का जल उन सब रंगों को उलटा अपने में समेट लेता है।
चित्र में रंग बहुत हैं। लाल भी, हरा भी, पीला भी।
युवा चित्रकार वैभव को जानता था, और उसे खींचना भी जानता था।
पर आगे चलकर वह इन बहुत-से रंगों को एक-एक कर उतार देता है।
वैभव त्याग देने के बाद क्या बचता है? वह उत्तर अभी इस तालाब में झलका नहीं।
बस यह चित्र कहता है — जो त्याग करना जानता है, उसी के पास त्यागने को कुछ होता है।
बहुत दूर के भविष्य में वह उत्तर, सूखी घास के अकेले रंग में लौट आता है।
34 भाषाओं में कृति-पाठ
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