Artwork text
क्षितिज की एक रेखा,
उस पर एक नाव।
यही सब है।
यह ख़ाली नहीं।
मौन से भरा है।
और खींचने को कुछ न बचा — ऐसा नहीं,
और घटाने को कुछ न बचा —
इसलिए एक बिंदु रह गया।
रंग घटाया,
रूप घटाया,
शब्द घटाए।
जीवन-भर घटाते-घटाते
अंत में बचा एक बिंदु।
घटाने के अंत में
अस्तित्व मिटता नहीं।
उल्टे सबसे छोटी हुई जगह पर
सबसे गहरा होता है।
सबसे ख़ाली जगह ही
सबसे भरी जगह है।
वहाँ,
एक बिंदु बनकर
वह रह गया।
एक जीवन
यों रह गया।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
चित्रकारजेजूजापानसियोलबिवोन (चांगदोकगुंग का गुप्त उद्यान)आधुनिक युगसमकालीन युगकलाललित कला
