The Byun Shi-Ji AtlasWORKS · FŪDO · LANGUAGES
दोपहर का एकांत · 1996
Byun Shi-Ji, The Solitude of Noon, 1996 · दोपहर का एकांत

कृतियाँ/FŪDO 074

FŪDO 074 · 1996 · जेजू, उत्तर काल

दोपहर का एकांत

The Solitude of Noon

मूल जानकारी

संख्याFŪDO 074
शीर्षकदोपहर का एकांत정오의 고독The Solitude of Noon
वर्ष1996

कृति का पाठ

पाठ: Byun Joung Hoon

सूरज सिर पर है।
न छाया,
न छिपने की जगह।
हवा मैदान उलट देती है,
नाव दूर तैरती है।
घर नीचा झुकता है,
पेड़ काला काँपता है।
एक मनुष्य
उसके नीचे शरीर मोड़ता है।
प्रकाश इतना अधिक है
कि उलटे कुछ भी नहीं छूता।
दोपहर
दिन का मध्य है,
और एकांत की सबसे ऊँची जगह।
पीछे हटने को अँधेरा नहीं,
प्रतीक्षा करने को शाम नहीं।
सब कुछ उजला,
पर पास कोई नहीं।
इसलिए वह मनुष्य
सबसे उजले समय में
सबसे गहरे अकेला हो जाता है।
हर जीवन में
ऐसी एक दोपहर होती है।

34 भाषाओं में कृति-पाठ