Artwork text
पूरा चित्र नीली रोशनी में डूबा है।
दुर्लभ रंग।
बीच में एक पेड़
मोटा उठकर खड़ा है।
पेड़ एक हाथ से जाने वाले को विदा करता है,
दूसरे हाथ से बचे हुए को थामता है।
पेड़ जा नहीं सकता,
इसलिए हर विदा देखता है।
अनगिनत को भेजा,
अनगिनत को अपने भीतर लिया।
जाते हुए को विदा करना
और रह गई उदासी को सँभालना—
यही इस पेड़ का
जीवन भर का काम है।
मोटा तना
उसी समय की मोटाई है।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
चित्रकारजेजूजापानसियोलबिवोन (चांगदोकगुंग का गुप्त उद्यान)आधुनिक युगसमकालीन युगकलाललित कला
