Artwork text
उनचास वर्ष के शरीर से लौटकर,
वह फिर बच्चा बन गया।
वह केवल गाँव नहीं लौटा,
माँ की गोद में लौट आया।
वे खेत जहाँ माँ काम करती थी।
वह जगह जहाँ बछड़ा माँ के पीछे चलता था।
वह गरम दोपहर की रोशनी
जिसमें बच्चा उनके पास मंडराता था।
बाद में यह प्रकाश और सूख जाएगा।
माँ चली जाएगी,
मैदान खाली होंगे,
बच्चा बूढ़ा होगा।
वही रोशनी अकेलेपन के रंग में बैठ जाएगी।
पर अभी नहीं।
अभी माँ खेत में है,
और वह उसके पास लिपट सकता है।
अभी तो है।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
चित्रकारजेजूजापानसियोलबिवोन (चांगदोकगुंग का गुप्त उद्यान)आधुनिक युगसमकालीन युगकलाललित कला
