Artwork text
सूखी घास के रंग का मैदान है।
हवा जहाँ से देर तक गुज़री, वह जगह।
एक मनुष्य वहाँ खड़ा है।
वस्त्र लम्बे हैं, पाँव नंगे।
चलते-चलते रुक गया।
हवा ने उसे भिखारी कहा।
पर वह
माँगने आया मनुष्य नहीं।
हवा और मेघ से
गुज़रकर आया मनुष्य है।
पास कुछ नहीं।
खोने को भी कुछ नहीं।
इसीलिए हल्का है।
पवन-मेघ का पुरुष।
ख़ाली मैदान में खड़ा,
वह अब भी कहीं देखता है।
जिसके पास कुछ नहीं, उसकी आँख
सबसे दूर तक देखती है।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
चित्रकारजेजूजापानसियोलबिवोन (चांगदोकगुंग का गुप्त उद्यान)आधुनिक युगसमकालीन युगकलाललित कला
