Artwork text
प्रस्थान और लौटने के बीच,
वह चुपचाप Fūdo को देखता है।
इस समय का समुद्र अभी नीला है,
पहाड़ और आकाश भी धुँधली रोशनी देते हैं।
रंग अभी सूखे नहीं।
बाद में जब सारी रोशनी सूखी घास के रंग में बैठ जाएगी,
उससे पहले चित्रकार को
अपने लौटे हुए स्थान को देर तक देखना था।
घोड़ा जन्मभूमि के सामने खड़ा है।
लौटे हुए शरीर से,
अब भी न लौटे मन को साथ लिए।
शरीर पहले आता है,
मन धीरे-धीरे आता है।
घर लौटना एक दिन का काम नहीं,
शेष जीवन का काम था।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
चित्रकारजेजूजापानसियोलबिवोन (चांगदोकगुंग का गुप्त उद्यान)आधुनिक युगसमकालीन युगकलाललित कला
