Artwork text
समुद्र और आकाश
एक हल्की रोशनी में फैलते हैं।
गुलाबी भी है,
पीला भी,
नीला भी।
भोर की ठंडक,
दोपहर की हल्की गरमी,
साँझ की बैठती रोशनी—
सब उसमें साथ हैं।
जैसे एक स्याही में
अनेक गाढ़े-पतले स्वर हों,
एक हल्के रंग में भी
पूरा दिन उतरता है।
कई रंग
एक रोशनी में शांत हो गए हैं।
समृद्धि
केवल बहुत से रंगों से नहीं आती।
जब एक हल्की रोशनी में
कई समय साथ ठहरते हैं,
तभी गहराई बनती है।
दिन ढलने की जगह पर
पूरा दिन
चुपचाप इकट्ठा होता है।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
चित्रकारजेजूजापानसियोलबिवोन (चांगदोकगुंग का गुप्त उद्यान)आधुनिक युगसमकालीन युगकलाललित कला
