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समुद्र हेन्यो के आँसू हैं · 1989
Byun Shi-Ji, The Sea Is the Haenyeo's Tears, 1989 · समुद्र हेन्यो के आँसू हैं

कृतियाँ/FŪDO 011

FŪDO 011 · 1989 · जेजू, मध्य काल

समुद्र हेन्यो के आँसू हैं

The Sea Is the Haenyeo's Tears

मूल जानकारी

संख्याFŪDO 011
शीर्षकसमुद्र हेन्यो के आँसू हैं바다는 해녀의 눈물The Sea Is the Haenyeo's Tears
वर्ष1989

कृति का पाठ

पाठ: Byun Joung Hoon

चौड़ा समुद्र
सूखी घास के रंग में उठ खड़ा हुआ।
समुद्र के बीच
काली चट्टान गोल धँसी है,

और उसके बीचोंबीच
दो जन आमने-सामने सिमटे हैं।
एक-दूसरे के कंधे में सिर छिपाए
एक पिंड-से छोटे होकर जुड़े हैं।
पानी ठंडा है,
हवा बड़ी है।
पास है तो बस
एक-दूसरे की देह की ऊष्मा।
छोटा द्वीप,
छोटे दो जन।
पर इस तंग जगह में
सारे संसार का भार छू लिया जाता है।
हवा बड़ी है,
समुद्र चौड़ा है।
मनुष्य छोटा है।
इसीलिए और पास सिमटता है।
सहना
विशाल संसार को जीतना नहीं।
न ढह जाने भर को
एक-दूसरे पर देह टिकाना है।
कहा गया है, समुद्र हैन्यो, यानी समुद्र में गोता लगाने वाली स्त्रियों के आँसू हैं।
वे आँसू समुद्र नहीं बन जाते,
क्योंकि टेकने का एक कंधा
अभी पास बचा है।

34 भाषाओं में कृति-पाठ