Artwork text
मनुष्य और घोड़ा
जहाँ रास्ता समाप्त हुआ, वहाँ रुककर
क्षितिज को देखते हैं।
अब आगे नहीं जा सकते,
अब और पास भी नहीं हो सकते।
आकुलता है
जहाँ तक जा सकते हो वहाँ तक जाना,
जहाँ तक देख सकते हो वहाँ तक देखना,
और अंत में एक ही जगह
रुककर खड़े रहना।
मनुष्य और घोड़ा मुड़ते नहीं।
शरीर यहाँ रह जाता है,
न पहुँच सकने वाला मन ही
समुद्र के साथ
क्षितिज के पार चला जाता है।
Key context
ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।
चित्रकारजेजूजापानसियोलबिवोन (चांगदोकगुंग का गुप्त उद्यान)आधुनिक युगसमकालीन युगकलाललित कला
