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BYUN SHI-JI · FŪDO 082

ऊँचा स्वर

The High Note

2004 · Jeju, late period

Byun Shi-Ji (변시지), The High Note, 2004, painting from the late Jeju period, shaped by wind and dried-grass colour.

Artwork text

एक पेड़
अपना शरीर लंबा उठाकर
आकाश की ओर है।
वह सीधा पला हुआ पेड़ नहीं।
लंबे समय तक हवा सहते हुए
मुड़ा, फिर मुड़ा हुआ पेड़ है।
उस मुड़े शरीर के सिरे से
दो पक्षी उड़ते हैं।
मैदान में डूब न जाने को,
हवा में दब न जाने को,
सबसे ऊँचे स्वर में रोते हैं।
हम जीवित हैं,
हम यहाँ हैं,
कि वह ध्वनि
आकाश के छोर तक पहुँचे।
ऊँचा स्वर
अंत तक मिट न जाने के लिए
अपने अस्तित्व को ऊपर धकेलती
आवाज़ है।
शरीर भले धरती में धँसा
निर्वासन-भूमि में रह जाए,
स्वर शरीर को छोड़कर
खाली आकाश के छोर तक
चढ़ सकता है।
वह पंखों की चाल
पेड़ से अलग नहीं।
मुड़े शरीर ने
जीवन-भर जिस एक स्वर को सँभाला,
उसी ने आखिर
पंख पा लिए हैं।

Key context

ब्युन शी-जी आधुनिक और समकालीन कोरियाई चित्रकार थे, जिन्होंने जेजू के Fūdo को पृष्ठभूमि नहीं, बल्कि अस्तित्व की शर्त के रूप में चित्रित किया। एकांत, प्रतीक्षा, हवा और सूखी घास का रंग उनकी कला में स्थानीयता और विश्वता को जोड़ने वाला ग्लोकल कोरियाई आधुनिकतावाद रचते हैं।

चित्रकारजेजूजापानसियोलबिवोन (चांगदोकगुंग का गुप्त उद्यान)आधुनिक युगसमकालीन युगकलाललित कला