कृतियाँ/FŪDO 082
ऊँचा स्वर
The High Note
मूल जानकारी
| संख्या | FŪDO 082 |
|---|---|
| शीर्षक | ऊँचा स्वर고음The High Note |
| वर्ष | 2004 |
कृति का पाठ
पाठ: Byun Joung Hoon
एक पेड़
अपना शरीर लंबा उठाकर
आकाश की ओर है।
वह सीधा पला हुआ पेड़ नहीं।
लंबे समय तक हवा सहते हुए
मुड़ा, फिर मुड़ा हुआ पेड़ है।
उस मुड़े शरीर के सिरे से
दो पक्षी उड़ते हैं।
मैदान में डूब न जाने को,
हवा में दब न जाने को,
सबसे ऊँचे स्वर में रोते हैं।
हम जीवित हैं,
हम यहाँ हैं,
कि वह ध्वनि
आकाश के छोर तक पहुँचे।
ऊँचा स्वर
अंत तक मिट न जाने के लिए
अपने अस्तित्व को ऊपर धकेलती
आवाज़ है।
शरीर भले धरती में धँसा
निर्वासन-भूमि में रह जाए,
स्वर शरीर को छोड़कर
खाली आकाश के छोर तक
चढ़ सकता है।
वह पंखों की फड़फड़ाहट
पेड़ से अलग नहीं।
मुड़े शरीर ने
जीवन-भर जिस एक स्वर को सँभाला,
उसी ने आखिर
पंख पा लिए हैं।
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