कृतियाँ/FŪDO 038
आत्म-चित्र
Self-Portrait
मूल जानकारी
| संख्या | FŪDO 038 |
|---|---|
| शीर्षक | आत्म-चित्र자화상Self-Portrait |
| वर्ष | 1944 |
कृति का पाठ
पाठ: Byun Joung Hoon
एक युवा चेहरा धुँधली पृष्ठभूमि के आगे तैरता है।
सँवारकर पीछे किए बाल, काला सूट, थोड़ी तिरछी टाई।
आँखें सामने नहीं देखतीं। कुछ देखते हुए भी, यहाँ नहीं, किसी दूर की ओर हैं।
उन आँखों में अभी न कहे गए सपने और युवा दिनों का दुख साथ हैं। होंठ कसकर बंद हैं, पर उनके भीतर आगे खींचे जाने वाले असंख्य शब्द छिपे हैं।
अनजानी धरती पर वह अपना चेहरा चुपचाप देखता है। जिस जगह से आया है और जहाँ अभी नहीं पहुँचा के बीच, तूलिका से अपने को खड़ा करता है।
उसने जो खींचा, वह युवा दिनों का रूप नहीं। संसार में अकेले फेंके गए अपने अस्तित्व का पहला चेहरा है।
विछोह की कसक उस तिरछी निगाह में पहले ही जन्म ले चुकी थी।
यह चेहरा दूर के भविष्य में ख़ाली मैदान में अकेला खड़ा बूढ़ा बनेगा — यह तब वह नहीं जानता था।
बस आँखें पहले ही, उस दूर को देख रही थीं।



